Wednesday, November 27, 2013

''आशिकी प्रेम पातिया ''


Dearest person first ,
                                   you are really so sweet.

''कहते है जिन आँखों में सच्चे सपने बस्ते है ,वो आंसुओं के बहने से कभी नहीं बहते ''


जब तुम सच में किसी को चाहते हो तो खोने और पाने 

का डर छोड़ दो , अपनी हर छोटो सी छोटी बात को 

अपने शब्दो में विस्तार से कहो क्योंकि जो तुम्हारा है

वो तुम्हारा ही रहेगा इसमें तुम ,आप ,मै  के लिए कोई

जगह नहीं है। ज़िन्दगी में प्यार जरुरी है इस प्यार कि 

अहमियत को समझो क्योंकि यह प्यार हर किसी को 

नसीब नहीं होता है। 

              शरद  ऋतू की यें शीतल चांदनी और मीठी सी 

सुबह बहुत लोगो को दीवाना बना रही होगी और अपने 

घर की अटरिया पर बैठता वहाँ पर रखे गमलो और उन 

पौधों को देख रहा था जिन पर कल रात चांदनी में ओंस 

की बूंदो में जैसे अमृत बरसाया हो।  सुबह वह बूंदे पत्तों 

की हथेलियो और फूलों की पलकों पर ठहर कर जैसे मेरे 

लिए बुला रही हो कि ऐ  मेरे मीत अब तो आ जा तुझे 

तेरा प्यार पुकारे ……...

घर की तरफ से आता इक हवा का झोंका हलकी सी सर 

-सराहट के साथ मेरे कमीज़ के अंदर से होते हुए मेरे

जिस्म को छू कर गई ,मानो मेरी भावनाओ को इन 

फ़िज़ाओ ने तुम तक पंहुचा दिया हो और ये नर्म ठंडक 

भरी चुम्बिश ,तुम्हारे होंटो के चुम्बन का एहसासकराती 

मुझे जवाब दे रही हो कि लो अब तो खुश हो न .....

                            thanks to nature,
                            thanks to you..........कि तुम मेरे हो। 

                            Really love you so much for ever.



कुछ एहसास, कुछ यादें ऐसी होती है जिन्हे कभी भुलाया

या मिटाया नहीं, जिस्म शायद एक बार महसूस करना 

छोड़ दे पर वो आत्मा जो तुम्हारी यादों के खजाने को

संजोये हुए है वो कभी ख़तम नहीं हो सकती है मै जन्मो

के बंधन से मुक्त एक अमर प्रेम कि कामना करता हूँ 

मैआसमान में तारो के सहयोग से तुम्हारा 

नाम टिमटिमाते हुए अक्षरों में लिखना चाहता हूँ फूल 

अपनी महक ,सूरज अपनी रौशनी और दिन-रात वक़्त

 के साथ अपने समय में परिवर्तन कर सकते है प्रिया

 i sawyer.........मेरा प्यार तब भी हज़ार नफरतों के 

बीच एक कोंख में पल रहे बच्चे कि तरह ही कोमल 

और मासूम रहेगा मै अपना प्यार तुम्हारे दिल में नहीं 

आत्मा में बसाना चाहता था मै चाहता था जब तुम बात

करो तो उन बातों में सिर्फ मै रहूँ तुम जब पलके खोलों 

तो उन नज़रो में मै रहू, तुम पलके बंद करो तो सपनो में 

मै रहू।



                                                                         मै     
कुछ नहीं कर पाया यह सब तो मेरी हसरत ही रह गयी,

उम्मीदों का चिराग जलाये आज भी उसी के आस -पास 

भटक रहा हू एक दिन मेरा भी वक़्त आयेगा और मै भी 

किसी परवाने कि तरह राँख हो जाउंगा जब ज़िन्दगी 

कहर बनकर टूटती है तो दिल अपनी धड़कने मन 

अपनी चंचलता और सांसे मौत का दामन थामने को 

बेक़रार हो जाती है पर फिर भी जीना तो पड़ता ही है 

मै भी जी रहा हूँ एक उम्मीद लेकर एक आंश लेकर एक 

दिन मेरा टुटा हुआ दिल कोमल भरी मुस्कान के साथ 

हंश पड़ेगा एक दिन तुम मेरा हाथ अपने हाथों में 

थामकर मेरे साथ कदम बढाकर चलोगी एक दिन तो 

बनोगी तुम मेरी दुल्हन …… बोलो बनोगी न।



ज़िन्दगी ग़मो से दूर नहीं होती ,
हर ख़ुशी दिल के करीब नहीं होती,
दोस्ती को प्यार से सजाकर रखना मेरे दोस्त,
ये वो इबादत है जो सबको नसीब नहीं होती,
                                                                                                       योर डिजिटल हार्ट
                          राज 

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